वो चला आएगा सुरेन्द्र कुमार 'अभिन्न'
चिर कर व्योम को... प्रकाश पुंज आलोकित करने जीवन मेरा, चला आएगा पथ को दर्शाने हेतु वो पथप्रदर्शक बन संग मेरे चला आएगा ईश्वर सम रूप है जो जीवन पर आधिपात्य कर मुझे आलोकित करने चला आएगा