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ISSN 2292-9754

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09.26.2014


देश मेरा कहीं खो गया है

इतिहास गवाह है
संस्कृति साक्ष्य देती है
धर्म ऐसा कभी नहीं था
देश मेरा कहीं खो गया है॥

राजा महाराजाओं की विभूति
साधू संतों की पुण्यभूमि
अब दोनों का विश्वास नहीं रहा
देश मेरा कहीं खो गया है॥

राम सा पुरुषोत्तम नहीं
कृष्ण सा हमदर्द नहीं
राम कृष्ण को माननेवाले अब नहीं
देश मेरा कहीं खो गया है॥

सीता मैया सी कोई सहिष्णु नहीं
राधा सा कोई प्यार नहीं
देश में अब सिर्फ धोखा है
देश मेरा कहीं खो गया है॥

देश आतंक से भयभीत है
देश भ्रष्टाचार से कलंकित है
देश में आज कुछ भी ठीक नहीं
देश मेरा कहीं खो गया है॥


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