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ISSN 2292-9754

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01.26.2016


ज़िंन्दगी

उसकी आँखें रोयी थीं
मेरी भी आँखें रोयी थीं
जब जुदा हुए थे हम दोनों

ना होगा ऐसा कि रोयेंगे
सारी ज़िंदगी हम दोनों

ख़ुशियाँ उसको बहुत मिलेंगी
मिलेंगी ख़ुशियाँ मुझे भी

मगर जानती है वो भी
और जानता हूँ मैं भी

ज़िंदगी कमाल होती
अगर साथ जी पाते हम दोनों


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