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ISSN 2292-9754

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10.22.2014


मेनोपॉज़

कभी-कभी इतना टूट जाती हूँ
कि खुद से रूठ जाती हूँ
नहीं करती घंटों बातें अपने आप से
और न ही करने देती हूँ ख़ुद को
किसी और से बातें

डॉ. कहते हैं मेनोपॉज़ के सिमटम्स हैं
नहीं जानते वे
एक औरत इस समय तक
अपना सब कुछ खाली कर चुकी होती है
एक पुरुष को पुरुष बनाने
उसके बच्चे बनाने में
और उसका घर बनाने में
नहीं जानते वे उसके खालीपन को।


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