अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली मुख्य पृष्ठ
04.28.2007
 
तू कितना मेरे दिल के पास है
सुधा कंसल

तू कितना मेरे दिल के पास है,
यह अहसास, तेरे दूर जाने पर हुआ,
चलो यह भी अच्छा हुआ।

दिल कितनी बार धड़कता है दिन में,
किताबों में तो पढ़ा था,
पर तेरी याद में कितना धड़का है,
यह अहसास, तेरे दूर जाने पर हुआ,
चलो यह भी अच्छा हुआ।

आँखों का कभी भर आना,
ज़िन्दगी में यह मामूली बात है,
पर तेरी याद में, सदा नम रहना,
यह अहसास, तेरे दूर जाने पर हुआ,
चलो यह भी अच्छा हुआ।

सर्दी की रातें, गर्मी के दिन,
पहाड़ से होते हैं, यह जग जानता है,
पर तेरी याद में, हर पल - साल होता है,
यह अहसास, तेरे दूर जाने पर हुआ,
चलो यह भी अच्छा हुआ।

तू कितना मेरी रूह में समाया है,
इसका अहसास, तेरे दूर जाने पर हुआ,
चलो यह भी अच्छा हुआ।

अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें