कैनेडा का पतझड़
उतना ही लुभावना
जितना बसन्त!
पेड़ के पत्ते
जो हरियाली, जीवन, खुशी
और समृद्धि के प्रतीक हैं
बसन्त में पेड़ों को
आबाद करते हैं।
पतझड़ आने पर
जैसे ही एहसास होता
कि जीवन के दिन रह गये थोड़े
वे नए संकल्प के साथ
बिखेर देते हैं
रंगों की छटा
हरे से लाल, लाल से पीले
पीले से सुनहरी, सुनहरी से सूखते पत्ते!
अवसान का यह लालित्य
शायद उन्होंने सूरज से सीखा है।
उनका अवसान
अवसाद का कारण नहीं बनता
यह वादा है, पेड़ों से
उन्हें फिर से बसाने का।
यह ऋतुचक्र
एक अन्तहीन सफर
पतझड़ एक पड़ाव
एक शुरूआत का अन्त
या अन्त की शुरूआत!
पतझड़ एक सेतु सा
ग्रीष्म और शीत के बीच
दूरियाँ पाटता
अपने अस्तित्व को मिटाता।