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01.26.2008

 
परिचय  
 
नाम :

सुभाष चौधरी

  सुभाष चौधरी का जन्म इंदौर (मध्य प्रदेश) ज़िले के गाँव दर्जीकरड़िया में प्रतिष्ठित जमींदार परिवार में 10 जून 1963 को हुआ। प्रारंभिक शिक्षा गाँव में ही हुई। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से स्नातक (भौतिक शास्त्र एवं गणित) करने के बाद अर्थशास्त्र में एम.ए. कर रहे थे तभी फाईनल ईयर की परीक्षा के एक महीने पहले एक बड़े धारावाहिक में अभिनय और सहायक निर्देशन का कार्य मिला और शिक्षा अधूरी छोड़कर 1988 में पलायन कर मुंबई आ कर बस गए। तब से वर्तमान तक मुंबई ही कार्यभूमि है तथा टी.वी. एवं फिल्म ही कार्यक्षेत्र है। स्कूल एवं कॉलेज से ही थियेटर से जुड़े रहे सुभाष चौधरी ने अपने शिक्षण जीवन में ही पेशेवर थियेटर से अपना नाता जोड़ लिया था। बचपन से ही रचनात्मक क्षेत्र में विशेष रुचि रही। अपने स्कूल जीवन से ही साहित्य में रुचि लेने लगे थे। 1978 में जब कक्षा 9वीं में थे तभी इन्होंने बच्चन जी की मधुशाला, क्या भूलूँ क्या याद करूँ तथा बसेरे से दूर देवकीनंदन खत्री की चंद्रकांता एवं संहित सहित और भी कई साहित्यकारों की अनेक रचनाएँ पढ़ ली थी तथा तभी से लिखना आरंभ कर दिया था। स्कूल एवं कॉलेज में खेलकूद, वाद-विवाद, राजनीति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हमेशा भाग लेते रहे। मुंबई में सहायक संपादन एवं निर्देशन से अपना केरियर शुरू किया साथ ही अभिनय भी करते रहे। 1995 से स्वतंत्र निर्देशक एवं संपादक के तौर पर कार्य जारी। कई धारावाहिक, विज्ञापन, फिल्मों, वृत चित्रों एवं टॉक शो का संपादन एवं निर्देशन किया। वर्तमान में निर्देशन के साथ साथ निर्माण में भी सक्रिय। जब भी थोड़ा समय मिलता है अपने प्रथम प्यार लेखन में लग जाते हैं
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