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ISSN 2292-9754

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11.14.2016


पति-पत्नी

उस दिन भगवान विष्णु को न जाने क्या सूझी कि उसने दुनिया के प्रत्येक पति-पत्नी को एक दूसरे के दिमाग़ में मौजूद विचारों को पढ़ने की शक्ति दे डाली।

कुछ ही देर में दुनिया में कोहराम मच गया। ऐसा कोई जोड़ा विरला ही बचा होगा जो एक दूसरे पर किसी परायी स्त्री या पराये पुरुष को चाहने इल्ज़ाम न लगा रहा हो। फलस्वरूप, ब्रह्मा जी की सृष्टि पर संकट के बादल मंडराने थे। उन्होंने तत्काल विष्णु जी से उस शक्ति को वापस लेने को कहा और साथ ही यह निवेदन भी किया कि इस बीच जो कुछ हुआ, उसे सभी पति-पत्नी पूरी तरह भूल जाएँ।

विष्णु जी मान गए। थोड़ी ही देर में दुनिया के सभी पति-पत्नी फिर से अपनी पूर्वावस्था में आ गए थे और एक दूसरे पर जान छिड़कने की बातें करने लगे थे।


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