अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
08.17.2014


चकोर की चतुराई

चकोर जी ने वर्षों पहले सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की थी कि यदि वह कभी प्रदेश की राजनीति में सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी पा लेंगे तो वे अपने नगर में एक भव्य मंदिर बनवाएँगे। दस साल बाद उनकी यह मनोकामना पूरी हुई। मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही महीनों बाद उन्होंने अपने नगर में कोई 4000 वर्ग मीटर में एक महलनुमा भवन का निर्माण करवाया। लोग सोच रहे थे कि मुख्यमंत्री बनते ही वे शायद अपनी मंदिर बनवाने वाली बात को भूल गए हैं लेकिन उनका ऐसा सोचना गलत था। चकोर जी ने अपनी घोषणा पर कायम रहते हुए अपने इस रिहायशी भवन को नाम दिया - "लोकसेवक मंदिर।"


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें