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ISSN 2292-9754

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10.27.2014


चकोर का मजाक

 चकोर को मज़ाक सूझा। खैर, खुद तो वे तो मज़ाक करने के बाद उस रात चैन की नींद सोये लेकिन सुना है कि उनके सभी तथाकथित मित्रों की वह रात बेचैनी में कटी। उन्होंने फेसबुक पर लगभग रात आठ बजे यह सन्देश पोस्ट किया था - मित्रो, आपको यह जानकार खुशी होगी कि मुझे लॉटरी में पचास लाख रुपये का पुरस्कार मिला है।

अगले दिन सुबह उन्होंने जब यह खबर पोस्ट की कि उन्हें कोई पुरस्कार नहीं मिला है तो उनका एक तथाकथित मित्र किसी से कह रहा था - इस साले चकोर को दूसरों की नींद उड़ाने में न जाने क्या सुख मिलता है?


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