अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली

मुख पृष्ठ
05.17.2012


टैग

निहायत ज़रूरी है
एक उम्दा लिबास
बचने के लिए
मौसम की मार से
गरमी-सरदी से, बरसात से
धर्म भी कम ज़रूरी नहीं
आदमी के लिए
लिबास की तरह ही
पर
लिबास हो या धर्म
ज़रूरी है देखना
उपयोगिता भी उसकी
उसे ढंग से पहनना
धारण करना
पर
धर्म भी हो गया है
आज के लिबास की तरह
किसे परवाह है
बना हो लिबास
उम्दा कपड़े से
उपयोगी हो मौसम के हिसाब से
या कम से कम
अच्छी हो सिलाई ही
आज
कपड़े और सिलाई की जगह
महत्वपूर्ण हो गया है टैग
टैग करता है निर्धारित
कीमत लिबास की
ज़रूरी है इंकार कर देना
टैग को लिबास मानने से
और किसी टैग को
मानने से धर्म
इंकार कर देना
बेहद ज़रूरी है।


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें