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ISSN 2292-9754

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01.10.2016


फफूंदी

मेरे घर में
एक कोठरी है
जिसमें कभी कोई जाता नहीं।
ये कह कर
कि
बदबूदार है कोठरी
सीलन है दीवारों पर
और फफूंदी ने दीवार को
और भी चमकदार बना दिया है।

वो घर है मेरा देश
कोठरी ये राजनीति
दीवारें भ्रष्टाचार की
और सफेद फफूंदी का आशय लिए
राजनीति चमक रही है


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