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ISSN 2292-9754

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03.15.2015


प्रेम : आकाश है

प्रेम
आकाश है
मधुमास है
माँ की आँखों में
बाहर जाते बच्चों का
संताप है

प्रेम
हास है
परिहास है
बहन के हृदय में
भाई का आभास है

प्रेम
प्यार है
पत्नी की मीठी झिड़की
प्यारी मनुहार है

प्रेम
विचार है
पिता का अनुशासन
रगों में बहता संस्कार है

प्रेम
तरंग है
प्रेमिका के मीठी अठखेली
प्रेमी हृदय का रंग है

प्रेम
साथ है
दोस्त का विश्वास
दोस्ती का हाथ है

प्रेम
असीम है
स्वकछन्द उन्मुक्त पावन
किसी एक रिश्ते का नहीं
हर रिश्ते का आधार है

प्रेम
बस प्रेम है
दिल से दिल तक जाता
कोमल सुखद एहसास है
प्रेम ..


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