नींव की ईंट डॉ. शशि भल्ला
नींव की ईंट को कब किसने निहारा और सराहा है। इस पर बने उँचे गगनचुम्बी कंगूरों को सबने सिर उठाकर सराहा है।
क्या कभी किसी ने या इन्हीं कंगूरों ने नीचे झुक कर नींव की ईंट को देखा है?
शायद नहीं। क्योंकि उन्हें डर है कि झुकने पर कहीं यह स्वयं टूट न जाएँ बिखर न जाएँ!!