शार्दुला नोगाजा (झा)


कविता

गीतकार
गुड मॉर्निंग सूरज!
तू पीठ सीधी रख ओ लड़की!
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते
मैं काश! अगर तितली होती
वक़्त की शतरंज