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| 05.31.2008 |
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व्यवस्था |
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इस
सड़क पर हमेशा भारी आवागमन बना रहता था। परिणामस्वरूप आए दिन
दुर्घटनाएँ होती रहतीं थीं। जब भी दुर्घटना होती लोग प्रशासन को
गालियाँ देना शुरू कर देते।
‘उपर
सारे गधे बैठा रखे हैं। कोई ध्यान ही नहीं देता।’
ऐसे
जुमले भी अक्सर सुनने को मिल जाते थे।
एक
दिन सड़क के बीचों बीच एक गधा ट्रक की चपेट में आकर मर गया। थोड़ी देर
तक तो सड़क पर भीड़ जमा हुई फिर एकाएक ट्रैफिक व्यवस्था अपने आप सुचारू
रूप से व्यवस्थित हो गई। गधे की लाश की एक ओर से वाहन आ रहे थे तथा
दूसरी ओर से जा रहे थे। सब कुछ ठीक चल रहा था। जो व्यवस्था कुछ जीवित
गधे ठीक न कर सके ऐसे मृत गधे ने ठीक कर दिया था।
(राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित) |
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