अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली मुख्य पृष्ठ
05.31.2008
 

अब नये शहरों के
शरद तैलंग


अब नये शहरों के जब नक्शे बनाए जाएँगे,
हर गली बस्ती में कुछ मरघट दिखाए जाएँगे ।

ग़ैर मुमकिन ये कि हम फुटपाथ पर भी चल सकें,
क्योंकि हर फुटपाथ पर बिस्तर बिछाए जाएँगे ।

जिस जगह तक हर इमारत की पडे़ छाया वहाँ से,
झोपड़ों में रहने वाले सब हटाए जाएँगे ।

चील कौओं के लिए भी ठूँठ कुछ सूखे हुए,
हर इबादतगाह के बाहर लगाए जाएँगे ।

जो पड़ोसी के कभी दुख दर्द में शामिल न हो,
उस शहर में आदमी ऐसे बसाए जाएँगे ।

ऐसी कुछ आबोहवा मौज़ूद होगी हर जगह,
जो भी लेंगे साँस वे बीमार पाए जाएँगे ।

अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें