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03.23.2014


मेरी डायरी के कुछ पन्ने..

मेरे खट्टे- मीठे अनुभव, इसमें रचते बसते हैं|
मेरी डायरी के कुछ पन्ने, मेरी कहानी कहते हैं||

कुछ दर्द भरी मेरी यादें हैं, कहीं खुशियों की बारातें हैं,
कुछ राज़ की इनमें बातें हैं, कहीं अश्कों की बरसातें हैं,
कुछ पूरे, कुछ अधूरे सपनों को इसमें संजोते हैं|
मेरी डायरी के कुछ पन्ने, मेरी कहानी कहते हैं||

कुछ टूटे-फूटे रिश्ते हैं, इनमें बनते- बिगड़ते किस्से हैं,
कुछ दोस्त नये पुराने हैं, और सबके अपने-अपने फ़साने हैं,
कुछ सुलझे, कुछ उलझे रिश्तों के ताने-बाने बुनते हैं|
मेरी डायरी के कुछ पन्ने जो मेरी कहानी कहते हैं||

कुछ सूखे हुए गुलाब भी हैं, इनमें महके हुए जज़्बात भी हैं,
कितने फूल हुए बरबाद भी हैं, पर यादें लाजवाब भी हैं,
हर लम्हों की माला को शब्दों में पिरोते हैं|
मेरी डायरी के कुछ पन्ने, जो मेरी कहानी कहते हैं||


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