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ISSN 2292-9754

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10.14.2014


दीप गीत

सखी री.........
एक दीप बारना तुम
उस दीप के नाम
जिस दीप के सहारे
हम सारे दीप जले हैं

सखी री........

सखी री..
दूजो दीप बारियो तुम
उस दीप के नाम
जिस दीप के सहारे
हम जग देखती हैं

सखी री........

सखी री.....
तीजॊ दीप बारियो तुम
उस माटी के नाम
जिस माटी से
बनो है ये दींप

सखी री.......

सखी री.....
चौथो दीप बारियो तुम
उन दीपों के नाम
जो तूफ़ानों से टकरा गये थे
और बुझकर भी
भर गये जग में
अनगिनत दीपों का उजयारा

सखी री........


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