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ISSN 2292-9754

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03.11.2016


 चन्दा मामा

सुन्दर सा है चन्दा मामा।
सब बच्चों का प्यारा मामा॥

रात को हमसे मिलने आता।
और सुबह अपने घर जाता॥

तारों की बारात जो लाता।
उसको भी है संग ले जाता॥

गोल गोल चमकीला सा है।
घटता बढ़ता ये रहता है॥

नहीं अमावस को ये आता।
पूनम में दुनिया चमकाता॥

अमृत का इसमें भंडार।
हमको तो है इससे प्यार॥


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