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05.03.2012
 
वो कोना
शबनम शर्मा

वो कोना,
जो खाली या कमज़ोर सा
हो जाता है
क्यूँ दिखाई देता है
लाख छिपाने के बाद भी,
झाँकने लगते हैं कई
भावनाओं के परिंदे
चाहते नीड़,
पर क्यों कैसे दे दूँ
मैं वो खाली कोना
क्योंकि वो ही तो मेरा अपना है
जिसे मैंने छिपाकर रखा है
पर हाँ लोग फ़ायदा उठा जाते हैं
इस खाली कोने का, व्यक्तिगत
समाज, विश्व या
किसी भी स्थान पर।


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