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05.03.2012
 
रोटी और आदमी
शबनम शर्मा

किस दिशा में
भागता है आदमी
शायद खुद नहीं पता

खाता है झबुआ
रोटी, नमक मिर्च
चटनी के साथ।

और मोहन लाल
दाल व तरकारी संग।

परन्तु शायद रोटी से
ज्यादा खूबसूरत होती है
सेठ की प्लेट, चाँदी या सोने की,
परहेज से भरी उसकी रोटी।

परन्तु क्यूँ कहती है सभी
को कि गेहूँ से ही तो
बनी होती है सभी की रोटी
फिर क्यूँ भागता है आदमी
फिर क्यूँ दिशाहीन होता है आदमी
व खुद को चक्रव्यूह में
धकेलता है आदमी।


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