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03.16.2014


पैसा

प्रियंका व अमित पिछले कई वर्षों से इकट्ठे काम कर रहे थे। दोनों अपने-अपने काम में एक-दूसरे से बढ़कर। दोनों के विभाग अलग-अलग होते हुए भी एक-दूसरे की मदद के लिए सदैव तैयार रहते थे। समय पर काम निबटा कर, चाय-नाश्ता इकट्ठा करना, कुछ गपशप के लिए समय निकालना उनकी दिनचर्या सी बन गया था। दोनों एक-दूसरे के लिए काफी समर्पित भाव लिए थे।

अमित के बड़े भाई की शादी थी। वह 15 दिन की छुट्टी लेकर ऑफिस से चला गया। शादी में काम की व्यस्तता के साथ वह प्रियंका को बीच-बीच में फोन करना भी नहीं भूलता था। उसने भईया की शादी के बाद प्रियंका के सामने षादी का प्रस्ताव रखने का पूरा मन बना लिया था। शादी के सब कार्य निबटा कर छुट्टी खत्म होने पर अमित ऑफिस पहुँचा। इस बीच उसके पुराने बॉस जा चुके थे व एक बलिष्ठ, सुगठित युवा ने उनकी जगह ज्वायन कर लिया था। अमित सुबह से ही प्रियंका के साथ बात करने का मौका ढूँढ रहा था परन्तु वह पहले से ज़्यादा व्यस्त व खुश नज़र आ रही थी। अमित ने दोपहर के खाने का इन्तज़ार किया जोकि अकसर वह बैंक की कैंटीन में किया करते थे। अमित काम निबटा कर वहाँ पहुँचा परन्तु हैरान कि प्रियंका नए बॉस के साथ सामने वाले पाँच सितारा के लिए जा चुकी थी कि अमित के दोस्त लोकेश ने उसका हाथ ज़ोर से दबाया और कहा, "अमित आज के ज़माने में पैसा चाहिये पैसा।" अमित जड़ सा हुआ पाँव से जमीन कुरेदता रह गया।


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