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05.03.2012
 
माँ-जन्म
शबनम शर्मा

लम्बी इन्तज़ार के बाद
पागल था घर आँगन,
मनाए जा रहे थे जश्न,
कि बबुआ आया है,
परन्तु न जाने क्यों
भूले बैठे थे सब
कि ममता में लिपटी
जन्मी है इक माँ भी आज।


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