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07.01.2014


बिछोह

कोख में आने से
अब तक
तुम्हारा स्पर्श,
अहसास
चहुँ ओर बिखरी
तुम्हारी यादें,
तुम्हारी खनकती हँसी,
तुम्हारी शरारतें,
फिर कई तरह की
मनुहारें,
तुम्हारे लिये खुदा से
भीख माँगना व तुम्हें
पाना,
तुम्हारे बिछोह की
कल्पना मात्र से काँप
जाना याद है मुझे
आज तुम चली गई
सुना है पराई हो गई
पर मेरा मन नहीं
स्वीकारता, क्यूँकि आज
भी धड़कता है मेरा दिल
सिर्फ तेरे लिये,
सिर्फ तेरे लिये।


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