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ISSN 2292-9754

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11.06.2014


इन्द्रधनुषी रंग

गुलाबी हरा नीला पीला और
जलते हुए आग के गोले सा नारंगी
जब वे रंग समा जाते हैं ख़ुद में
या ख़ुद समा जाते हैं उन रंगों में
आकंठ डूब ही जाते हैं उन रंगों में
ये रंगों का समंदर क्यों खींचता है
दिग्भ्रमित करता है
मन को उल्लासित करता है
कुछ पल की हरियाली वाला
ये रंग हरा
क्यों हरा भरा कर देता है
फिर सारे रंग गडमड से होने लगते हैं
कुछ फर्क ही नहीं कर पाता है मन
उन रंगों को मिटा
गहन अंधकार सा काला रंग
जमाने लगता है अपना वर्चस्व
तब कहीं दूर देश से
उड़कर आ जाती है
कोई तितली
अपने रंग भरे पंखों के सहारे
निकालने का भरसक प्रयत्न करती है
और उबार ले जाती है
काले रंग के बवंडर से
इंद्र धनुष में कभी कभी
काला रंग भी आ जाता है न!!!!!


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