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ज़िंदगी हो तुम्हारे साथ नयी,
दिन नया हो हमारी रात नयी
पिछली बातों को भूल जाएँ हम,
जब भी हो बात सारी बात नयी
अब न आयें वो दिन गुज़र जो गए,
हर घड़ी हो तुम्हारे साथ नयी
हम पुराने रिवाज़ ठुकरा दें,
सारे रिश्तों की सारी ज़ात नयी
आज बिछने दो ज़िंदगी की बिसात,
न शह हो जहाँ ना मात नयी
जो तुमसे है दिल लगा बैठा,
तेरे घर वो लाएगा बारात नयी
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