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ISSN 2292-9754

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03.14.2016


नयी

ज़िंदगी हो तुम्हारे साथ नयी,
दिन नया हो हमारी रात नयी

पिछली बातों को भूल जाएँ हम,
जब भी हो बात सारी बात नयी

अब न आयें वो दिन गुज़र जो गए,
हर घड़ी हो तुम्हारे साथ नयी

हम पुराने रिवाज़ ठुकरा दें,
सारे रिश्तों की सारी ज़ात नयी

आज बिछने दो ज़िंदगी की बिसात,
न शह हो जहाँ ना मात नयी

जो तुमसे है दिल लगा बैठा,
तेरे घर वो लाएगा बारात नयी


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