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| 05.22.2009 |
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मधुर एहसास |
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चँचल मन के कोने में ख़ामोशी के बिखरे ढेरो पर अरमानो के साये से उलझे ये मोर पपीहा और कोयल रात के लहराते पर्दों पे |
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