अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली मुख्य पृष्ठ
05.22.2009
 

मधुर एहसास
सीमा गुप्ता ’दानी’


चँचल मन के कोने में
मधुर एहसास
ने ली जब अँगड़ाई,
रेशमी जज़्बात का आँचल
पर फैलाये देखो फलक फलक...

ख़ामोशी के बिखरे ढेरो पर
यादों के स्वर्णिम प्याले से
कुछ लम्हे जाएँ छलक छलक...

अरमानो के साये से उलझे
नाज़ों से इतराते ख़्वाबों को
चुन ले चुपके से पलक पलक...

ये मोर पपीहा और कोयल
सावन में भीगी मस्त पवन
रास्ता देखे कब तलक़ तलक़...

रात के लहराते पर्दों पे
नभ से चाँद की अठखेली
छुप जाये देके झलक झलक...


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें