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| 03.08.2009 |
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अय्याम ने |
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मैं यहाँ बेचैन हूँ तुम वहाँ बेताब हो, हों कई ऐसे भी जो रहते रहे हो इस तरह, रात भर जागा किए हैं तेरी यादों के तुफ़ैल, तेरे आने की ख़बर हैं दिल में जागी है उमंग, याद करने को नहीं आता है दिल दुःख के वह दिन, |
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