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02.18.2008

 
परिचय  
   
नाम :

डॉ. समणी सत्यप्रज्ञा

  डॉ. समणी सत्यप्रज्ञा जैन समणी हैं। उन्होंने "ज्ञाताधर्मकथा का समीक्षात्मक अध्यय" पर वर्ष २००० में पी.एच.डी की।
वर्तमान में जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय, लाड़नूं (राजस्थान)  के अहिंसा व शांति विभाग में सहायक प्रोफ़ेसर हैं।
उनका काव्य संग्रह "भीतर का सच" २००६ में प्रकाशित हुआ है।