|
|||||
| परिचय | |||||
| नाम : |
डॉ. समणी सत्यप्रज्ञा |
||||
|
डॉ. समणी सत्यप्रज्ञा जैन
समणी हैं। उन्होंने
"ज्ञाताधर्मकथा का समीक्षात्मक अध्यय" पर वर्ष २००० में
पी.एच.डी की। वर्तमान में जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय, लाड़नूं (राजस्थान) के अहिंसा व शांति विभाग में सहायक प्रोफ़ेसर हैं। उनका काव्य संग्रह "भीतर का सच" २००६ में प्रकाशित हुआ है। |
|||||