सतीश सक्सेना

कविता
उनकी माँ को अक्सर मैंने...
एक शब्द चित्र माँ के लिए
क्या जानों सरकार हमारे बारे में
कुछ टूटा सा विश्वास लिए...
जब देखेंगे खाली कुर्सी...
जीवन भर कैसे
परायी हुई बिटिया
माँ की दवा को चोरी करते...
मानवता खतरे में पाकर...
विश्वनिवासी बनते गीत
हम विदा हो जायेंगे तो :
दीवान
इस ज़मीं के बागवाँ