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ISSN 2292-9754

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03.10.2016


होली हाइकु

1
खिले पलाश
भरे अंग-प्रत्यंग
प्रेम सुवास।

2
संग सजना
यूँ खेलो सखी होरी
तोड़ वर्जना।

3
होली के रंग
मिलाते दिल टूटे
वर्षों के रूठे।

4
नैन गुलाब
बिन पिए शराब
चढ़े फाग में।

5
सरसों फूल
याद आये फाग में
प्यारी सी भूल।

6
प्रेम का देता
जग को उपहार
होली त्यौहार।

7
ऋतू के संग
बदले अपने भी
लो रंग-ढंग।

8
मीत से प्रीत
गाओ मिलन गीत
होली है आई।

9
बह निर्झर
जा रहा पतझड़
ओ मधुमास।

10
राग - वैराग
भुला दें हम सब
होली में आज।

11
तरु पे खग
कैसी छाई रौनक़
फाग ग़ज़ब।


12
फड़कें अंग
बजे होली में जब
प्रेम मृदंग।


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