सपना मांगलिक

कविता
अग्नि परीक्षा
अभिलाषा
दीवारें
बड़ी जोर को सखी ऊ नचैय्या
होली हाइकु
दीवान
अमीरज़ादों पे नहीं मिला
काम ख़त्म कर लूँ सभी
कैसे बताऊँ कि वो कितने ख़ास में है
जीने नहीं दिया
नहीं सीने में दिल मेरा
बूँद थी मैं
बहुत हो चुका अब...
मेरी पलकों की नमी
लघु कथा
केनवास
कैसे कैसे चोर
बेटा कौन?
रंगे-हाथ