सन्तोष विश्नोई

आलेख
रीतिमुक्त काव्य में अभिव्यक्त समाज और लोक-जीवन (बोधा के विशेष सन्दर्भ में)
सामाजिक चेतना के अग्रदूत : प्रेमचन्द
हिन्दी में व्यंग्य उपन्यासों की परम्परा का अनुशीलन