आँसू बोलते हैं संजीव कुमार बब्बर
आँसू बोलते हैं ये जाना आँसुओं को तेरे देख कर जब......
लब को तूने दबा लिया साँसों को तूने थाम लिया आँखों को तूने झुका लिया तब......
आँखों से आँसू बहने लगे उन पर तेरा वश न चला ये आँसू सब कुछ कहने लगे