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09.06.2008
 

आँसू बोलते हैं
संजीव कुमार बब्बर


आँसू बोलते हैं ये जाना
आँसुओं को तेरे देख कर
जब......

लब को तूने दबा लिया
साँसों को तूने थाम लिया
आँखों को तूने झुका लिया
तब......

आँखों से आँसू बहने लगे
उन पर तेरा वश न चला
ये आँसू सब कुछ कहने लगे


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