नापी जाती है सड़क की ऊँचाई, किनारों से उसके अपने किनारों से । ताज्जुब की बात नहीं भूल गए हैं लोग सड़क पर पैरों से चलना और स्ड़क की ऊँचाई को महसूसना इंसानी चहल-पहल से दूर वे पहाड़ हो गए हैं बात-बात में वे समुद्र तल की चर्चा करते हैं ।