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12.31.2007 |
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परिचय |
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नाम : |
एस. आर. हरनोट
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एस. आर. हरनोट का जन्म जनवरी, 1955 में हिमाचल प्रदेश के शिमला जिल की पिछड़ी
पंचायत व गाँव चनावग में हुआ। बी.ए. ऑनर्ज़ एम.ए.(हिन्दी), पत्रकारिता,
लोक-सम्पर्क एवं प्रचार-प्रसार में उपाधि पत्र प्राप्त किया।
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प्रकाशित कृतियाँ : |
- पंजा कहानी संग्रह ललित प्रकाशन, दिल्ली
- १९८७
- आकाशबेल कहानी संग्रह ललित प्रकाशन, दिल्ली
- १९८७
- हिमाचल के मंदिर और उन से जुड़ी
लोक कथाएँ लगभग २५० मन्दिरों पर शोध कार्य व लोक कथाएँ। मिनर्वा बुक हाउस,
शिमला - १९९१
- पीठ पर पहाड़ कहानी संग्रह। साहित्य संगम,
इलाहाबाद - १९९४
- यात्रा किन्नौर, स्पिति, लाहुल और मणिमहेश पर सांस्कृति
एसं ऐतिहासिक यात्राएँ। मिनर्वा बुक हाउस, शिमला -
१९९२
- हिमाचल एट ए ग्लांस (संयुक्त कार्य) हिमाचल प्रदेश पर
३००० फैक्टस, संयुक्त कार्य,
मिनर्वा बुक हाउस, शिमला - २०००
- दरोश तथा अन्य कहानियां कहानी संग्रह आधार प्रकाशन,
पंचकूला, हरियाणा - २००१
- हिमाचल की कहानी इतिहास आधार प्रकाशन, पंचकूला
- २००२
- हिडिम्ब उपन्यास आधार प्रकाशन, पंचकूला
- २००४
- माफिया श्रीमती सरोज वशिष्ट द्वारा अंग्रेजी में
अनुदित १४ कहानियों का संग्रह सनबन पब्लिशर्ज, दिल्ली -
२००४
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सम्मान : |
- ‘दारोश तथा अन्य कहानियां‘ पुस्तक के लिए वर्ष २००३ का
अन्तरराष्ट्रीय इन्दु शर्मा कथा सम्मान (लंदन में सम्मानित)
- ‘दारोश तथा अन्य कहानियाँ’
पुस्तक के लिए २००७ में हिमाचल राज्य अकादमी
पुरस्कार।
- क्रिएटिव न्यूज फाउण्डेशन,
दिल्ली द्वारा विशिष्ठ साहित्यकार सम्मान।
- अखिल भारतीय भारतेन्दु हरिश्चन्द्र एवार्ड।
- हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ, हमीरपुर द्वारा
साहित्यकार सम्मान।
- हिमाचल गौरव सम्मान।
- भाषा और संस्कृति विभाग, हि०प्र० द्वारा कहानी और
निबन्ध लेखन के लिए सम्मानित।
- प्राचीन कला केन्द्र चण्डीगढ़
द्वारा श्रेष्ठ साहित्य सम्मान।
- हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा साहित्य सम्मान।
- हिमाचल केसरी एवार्ड।
- डॉ० वाई०एस० परमार हिमाचल श्री साहित्य सम्मान।
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अन्य : |
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प्रदेश तथा देश से प्रकाशित होने वाले हिन्दी के समाचार पत्रों एवं
पत्रिकाओं में इतिहास, संस्कृति,
लोक जीवन और विविध विषयों पर नियमित लेखन।
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कई संपादित संग्रहों में कहानियाँ संकलित जिनमें
मुख्य है हिन्दी विश्व कहानी कोश, कथा लंदन, कथा में गाँव, १९९७ की श्रेष्ठ
हिन्दी कहानियाँ, दस्तक, समय गवाह है कथा संचयन
और हिमाचल की प्रतिनिधि कहानियां। कथादेश के कथा विशेषांक-फरवरी-२००७ ‘१०
वर्ष एक चयन‘ में ‘कहानी जीनकाठी‘ संकलित।
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अंग्रेजी, मराठी, कन्नड़, पंजाबी और गुजराती,
तेलगू सहित कई अन्य भाषाओं में कहानियों के अनुवाद।
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फोटोग्राफी में विशेष रुचि। कई प्रदर्शनियों का आयोजन।
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हिन्दी साहित्य की लधु पत्रिकाओं क प्रचार-प्रसार में सक्रिय
सहयोग।
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कई साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं से सम्बद्ध।
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आर्थिक रूप से कमजोर व दलित वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए निरन्तर कार्य।
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जीनकाठी शीर्षक से कहानी संग्रह शीघ्र प्रकाश्य।
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हिमाचल के मेलों और त्यौहारों पर शोध ग्रन्थ पर कार्य।
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आकाशवाणी शिमला और दूरदर्शन केन्द्र जालन्धर व शिमला से रचनाओं के
प्रसारण।
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हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के गृह पत्र ‘पर्यटन परिवार‘ का संपादन।
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हिमाचल के इतिहास, संस्कृति, कला, लोक जीवन व कई अन्य विधिाओं पर प्रदेश व
देश से प्रकाशित होने वाले पत्र व पत्रिकाओं में लगभग १००० आलेख प्रकाशित।
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फिल्म कहानी ‘दारोश‘ पर दिल्ली दूरदर्शन द्वारा ‘इंडियन क्लासिक्स सीरीज’ के
तहत फिल्म का निमार्ण।
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संप्रति : |
इस समय हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम में अधिकारी के रूप में कार्यरत। |
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सम्पर्क : |
s_r_harnot@rediffmail.com |