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05.26.2014

 
परिचय  
 
नाम :

रूपसिंह चन्देल

जन्म : 12 मार्च, 1951 को कानपुर (उ.प्र.) के गांव नौगवां (गौतम) में जन्म।
शिक्षा :

कानपुर विश्वविद्यालय से हिन्दी में पी-एच.डी.।

प्रकाशित कृतियाँ : अब तक 46 पुस्तकें प्रकाशित, जिनमें 8 उपन्यास, 13 कहानी संग्रह, 3 किशोर उपन्यास, 10 बाल कहानी संग्रह सहित, यात्रा संस्मरण, आलोचना, लघुकथा संग्रह, संस्मर्ण, शोधपूर्ण जीवनी- (दॉस्तोव्स्की के प्रेम) एमहान रूसी लेखक लियो तोल्स्तोय के अंतिम और अप्रतिम उपन्यास - हाजी मुराद का पहली बार हिन्दी में अनुवाद और तोल्स्तोय का अंतरंग संसार (तोल्स्तोय पर रिश्तेदारों, लेखकों, रंगकर्मियों आदि के 30 संस्मरणों का अनुवाद).

पाथरटीला, रमला बहू , नटसार और शहर गवाह है उपन्यास चर्चित ।
शीघ्र प्रकाश्य पुस्तकें

(१) गलियारे (उपन्यास)
(२) भीड़ में (कहानी संग्रह)
(3) मेरे साक्षात्कार (हिन्दी, कन्नड़ और पंजाबी लेखकों के साथ बातचीत)
(४) तोल्स्तोय का अंतरंग संसार (तोल्स्तोय पर उनके रिश्तेदारों,मित्रों, लेखकों, रंगकर्मियों आदि के ३० संस्मरणों का अनुवाद).
(५) तोलस्तोय (जीवनी) ले. हेनरी त्रायत का अनुवाद।
शोध : १) साहित्य पर अब तक २ पी-एच.डी. (औरंगाबाद वि.वि. महाराष्ट्र, और
कानपुर विश्वविद्यालय)
(२) दो छात्र पी-एच.डी. के लिए शोधरत (औरंगाबाद वि.वि. और मेरठ वि.वि.)
(३) उपन्यासों पर अनेक संयुक्त शोध प्रबन्ध.
(४) दिल्ली विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और मेरठ विश्वविद्यालय से
पांच एम.फिल.
सम्मान/पुरस्कार : हिन्दी अकादमी, दिल्ली द्वारा १९९० और २००० में और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा १९९४ में सम्मानित|
संप्रति : स्वतंत्र लेखन
सम्पर्क : roopchandel@gmail.com, rupchandel@gmail.com