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ISSN 2292-9754

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05.31.2016


लड़की - २

लड़की
तुम्हारे लबों पर बैठी
ख़ामोशी चाबी है
घर की ख़ुशी की
जिससे खुल जाता है
ख़ुशी का कोई भी दरवाज़ा
पर
उस दरवाज़े के भीतर से
झाँकते तुम्हारे चेहरे पर
पड़ गईं हैं
दर्द की कभी न
मिटने वाली दरारें।


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