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| 12.22.2007 |
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पी. एम. की कुर्सी |
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पी.एम. की कुर्सी ने काँग्रेस को बुला लिया
है इस इलेक्शन ने मुझ को रुला दिया लेहजे इस उठ रहा है सीने में दर्द का धुँआ चेहरा बता रहा है कि सब कुछ गँवा दिया पैरों में ठहराव था और एक आँख थी बन्द एलाइन्स ने छोड़ा साथ और जनता ने भुला दिया पी.एम. की कुर्सी ने कान्ग्रेस को बुला लिया है इस इलेक्शन ने मुझ को रुला दिया |
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