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| 12.22.2007 |
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यूँ तो बड़ा अलाल तू |
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यूँ तो बड़ा अलाल तू
करे है ख़ूब सवाल तू जाति-धर्म के किसलिए मचाए बहुत बवाल तू बैठा आँखें मींचे फिर करे है क्यूँ मलाल तू किसी अंधेरी राह का बन के देख मशाल तू सफल क्यों न हो रवि सत्ता का बड़ा दलाल तू |
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