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| 12.22.2007 |
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मनुज आजन्म गंदा न था |
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मनुज आजन्म गंदा न था
साथ में लाया फंदा न था। सियासतों में मज़हबों का ये धंधा खासा मंदा न था। लोग अकारण ही चुक गए फेरा गया अभी रंदा न था। महफ़िल से लोग चल दिए किसी ने माँगा चंदा न था। रवि मरा बेमौत कहते हैं पागल दीवाना बंदा न था। |
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