सदा कामना मेरी - कुछ अच्छा करने की सबक दुख हरने की। हर फूल खिलाने की हर शूल हटाने की।
सदा कामना मेरी - हरियाली ले आऊँ खुशहाली दे पाऊँ। नेह नीर बरसाऊँ धरती को सरसाऊँ।
सदा कामना मेरी - मैं सबकी पीर हरूँ आँधी में धीर धरूँ। पापों से सदा डरूँ जीवन को नया करूँ।
सदा कामना मेरी - नन्हीं पौध लगाऊँ सींच-सींच हरसाऊँ। अनजाने आँगन को उपवन-सा महकाऊँ।
सदा कामना मेरी - हर मुखड़ा दमक उठे। आँखें सब चमक उठें। अधर सभी मुसकाएँ मीठे गीत सुनाएँ।