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ISSN 2292-9754

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09.02.2014


गोलू मास्टर जी

आज अध्यापक दिवस है जी
गोलू बन गया मास्टर जी।
आँखों पर चश्मा, हाथ में छड़ी
पढ़ा रहे अ, आ, इ, ई।

अ से अनार, आ से आम
सबसे पहले गुरूओं को प्रणाम।

इ से इमली, ई से ईख,
सदा ज्ञान की बातें सीख।

उ से उल्लू, ऊ से ऊ से ऊँट,
कभी न बोलो बच्चों झूठ।

ए से एड़ी, ऐ से ऐनक,
माता-पिता के बनो सेवक।

ओ से ओखली, औ से औरत,
सूरत नहीं, देखो सीरत।

अं से अंगूर, अः खाली,
सबक हुआ पूरा, बच्चों बजाओ ताली।


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