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| 03.15.2008 |
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नव वर्ष
प्रकाश |
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नव वर्ष
प्रकाश का प्रसार हुआ!
है सूर्य देव का ये वरदान!!
नव अश्वों
के वेग पर जैसे!
भानुराज हो विराजमान!!
सच हों
सबके सपने!
हों पूरे सब निर्मल अरमान!!
मन शांति
का निवास रहे!
यही अनुग्रह है भगवान!!
हर्ष
पल्लवित पल्लव हर्षित!
चेहरे हो अनजान भी!!
हर चेहरे
पर बिखरी हो!
शबनम की मुस्कान सी!!
स्वागतम
नवनीत प्रभा!
दे हमें रौशनी ज्ञान की!!
हो विजयी
सच्ची प्रीत सदा!
प्रगती हो निर्माण की!!
हो द्वेष
रहित हर वर्ष
नया! सबको शुभ हो वर्ष नया!! |
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