अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
07.10.2014


हर सफ़र में सफ़र की बातें हैं

हर सफ़र में सफ़र की बातें हैं
चंद सपने हैं, घर की बातें हैं

एक दरिया है आरज़ूओं का
बेवफ़ा हमसफ़र की बातें हैं

हर ख़बर की ख़बर जो रखता था
आज उस बे-ख़बर की बातें हैं

एक ताइर सभी के मन में है
इसलिए उसके पर की बातें हैं

सबके दिल में जो ख़ौफ़ तारी है
बस उसी एक डर की बातें हैं

गाँव से तुमने लिख के भेजा है
गाँव में भी शहर की बातें हैं


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें