डॉ. राकेश जोशी

दीवान
आदमी को शहर, आप कहते रहें
जगमगाती शाम लेकर आ गया हूँ
पंछियों के उग गए पर आजकल
बंद जबसे कारखाने हो गए
लोकतंत्र की बातें करना
सूखा आया तो कुछ...
हर तरफ गहरी नदी है
हर सफ़र में सफ़र की बातें हैं