चिड़िया का वादा है
मैं चुप्पी तोड़ूँगी
वर्षों से आले में पुरे जाले
गीत-ग़ज़ल-किस्सों पर
जंग लगे ताले
बुलबुल का वादा है
मैं चुप्पी तोड़ूँगी
बौराए आमों-से
सपनों पर पहरा
काफ़िला खुशबुओं का
दूर कहीं ठहरा
कोयल का वादा है
मैं चुप्पी तोड़ूँगी
बादल की बारातें
आईं थीं, निकल गईं
पथराई झीलों से
वार्त्ताएँ विफल हुईं
सारस का वादा है
मैं चुप्पी तोड़ूँगी