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12.27.2007
 

चिड़िया का वादा
डॉ० राजेन्द्र गौतम


 चिड़िया का वादा है
मैं चुप्पी तोड़ूँगी

वर्षों से आले में पुरे जाले
गीत-ग़ज़ल-किस्सों पर
जंग लगे ताले

बुलबुल का वादा है
मैं चुप्पी तोड़ूँगी

बौराए आमों-से
सपनों पर पहरा
काफ़िला खुशबुओं का
दूर कहीं ठहरा

कोयल का वादा है
मैं चुप्पी तोड़ूँगी

बादल की बारातें
आईं थीं, निकल गईं
पथराई झीलों से
वार्त्ताएँ विफल हुईं

सारस का वादा है
मैं चुप्पी तोड़ूँगी


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