मीरा ने प्रेम में विष पाया राधा ने प्रेम में विरह पाया तुलसी ने प्रेम में चौरा पाया
विष विरह चौरा यही मिलता है प्यार में नारी को फिर भी है सब कहते है त्रिया चरित करती है नारी