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07.14.2007
 
विष विरह चौरा और त्रिया चरित
रचना सिंह

मीरा ने प्रेम में विष पाया
राधा ने प्रेम में विरह पाया
तुलसी ने प्रेम में चौरा पाया

विष विरह चौरा
यही मिलता है प्यार में नारी को
फिर भी है सब कहते है
त्रिया चरित करती है नारी


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