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07.14.2007
 
सिर्फ सोलह साल
रचना सिंह

पार्क में घूमते देखा
मैंने एक लड़की को
आँखों
में पानी था
घूमने का कोई प्रयोजन
भी ना दिख रहा था
पूछा मैंने
"
क्या प्यार से धोखा मिला?"

कहा उसने
"
मुझे प्यार से कुछ भी नहीं मिला
मुझे देने के लिये तो उसके पास धोखा भी नहीं था "

पूछा मैंने
"
फिर ये आँसू क्यों?"
कहा उसने
"
अपना सब कुछ उसे दे दिया ये उसने लिये नहीं "

कहा मैंने
"
तो बह जाने दो"
कहा उसने
"
न्हें तो अब मेरी आँखों में ही रहना है
ये बह गये तो उसकी याद भी बह जायगी"

पूछा मैंने
"
कितने दिन का साथ था"
कहा उसने
"
सिर्फ सोलह सा"

कहा मैंने
"
भूल जाओ"
पूछा उसने
"
किसे,
     उसे या तकलीफ को?"



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